एक ही परिवार के ४ बेटो की १० दिन में बीमारी के फेर में मौत, परिवार सदमें में

मृतको में तीन सगे भाई शामिल, सभी को बुखार, पेट दर्द व उल्टी-दस्त की थी शिकायत
शिवपुरी। शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र निवासी एक ही परिवार के चार बेटों की 10 दिन के भीतर अचानक से बीमार होने के कारण एक के बाद एक मौत हो गई। खास बात यह है कि मृतको में तीन सगे भाई शामिल है।
फिजिकल थाने के सामने रहने वाले तनवीर अहमद के परिवार पर अचानक से एकाएक बीमारी होने से एक के बाद एक ४ बेटों की मौत हो गई। इसने तीन सगे भाई व एक रिश्तेदार का बेटा शामिल है। परिजनो की मानें तो चारों की मौत बीमार होने से हुई है। पहले सभी को बुखार, उल्टी-दस्त व पेट दर्द की शिकायत हुई। जब तक परिजन इनका इलाज कराते, दो से तीन दिन में मौत हो गई। सबसे पहले तनवीर का १४ साल का बेटा ताहिर बीमार हुआ और दो दिन में ही इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसमें ताहिर के प्लेटेटस कम हो गए थे। उसके बाद तनवीर की बहन का 19 वर्षीय बेटे अयाज की तबीयत बिगड़ी और उसे पहले शिवपुरी जिला अस्पताल फिर ग्वालियर ले जाया गया। यहां पर इलाज के दौरान २३अगस्त को अयाज की भी मौत हो गई। अयाज की जांच में संक्रमण आया था। फिर अचानक से तनवीर के दो बेटे तारूफ (९) व तासिफ (११) को भी बुखार आया और दो दिन इलाज चला, परिजन सही से इलाज ही नही करा सकें और ३१ अगस्त को सुबह तारूफ व शाम को तासिफ ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह 21 अगस्त से 31 अगस्त के बीच 10 दिनों में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का रो.रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से परिवार की हरसंभव मदद और बच्चों की मौत के कारणों की जांच की मांग की है, ताकि इस तरह की दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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पानी के झरने में नहाकर आने के बाद शुरू हुआ मौत का सिलसिला
बताया जा रहा है कि यह चारो मासूम अपने परिवार के अन्य लोगों के साथ १६ अगस्त को गोरा टीला के पास एक झरने पर नहाने गए थे। इसके बाद जब यह सभी लोग वापस आए तो उसके बाद अचानक से एक के बाद एक चारो मासूम बीमार होते गए और तमाम इलाज कराने के बाद भी चारो की मौत हो गई।
यह बोले सीएमएचओ
– अभी तक जो प्रारंभिक जांच पड़ताल में सामने आया है। उसमें चारों की मौत संक्रमण से हुई है। तेजी से उनकी प्लेटेटस कम हुई है। एक बच्चे के तो सभी अंगो ने काम करना बंद कर दिया था। हमने परिवार के सभी लोगों के सैम्पल ले लिए है। जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष सामने आएगा।
डॉ संजय ऋषिश्वर, सीएमएचओ






