
विधायक कैलाश कुशवाह बोले – सही मीटरों को जबरन बदला जा रहा, जनता पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
शिवपुरी। शिवपुरी जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर कांग्रेस ने अब खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। बीते 5 दिनों से कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जनआक्रोश रैली में शामिल होने की अपील की जा रही थी, लेकिन बागेश्वर धाम की कथा में व्यस्तता के कारण शहर की जनता अपेक्षित संख्या में शामिल नहीं हो सकी। इसके बावजूद जिला कांग्रेस ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में आज कलेक्टर शिवपुरी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के बाद पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि करीब 3 वर्ष पहले जिले में मीटर बदले जा चुके हैं और वे पूरी तरह सही हैं, इसके बावजूद अब दबाव और धमकी देकर दोबारा मीटर बदले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले भर से शिकायतें मिल रही हैं कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां बिजली बिल कई गुना बढ़ गया है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं की पहले एक माह में 150 यूनिट खपत होती थी, वहां अब 250 यूनिट तक की रीडिंग आ रही है, जो साफ तौर पर जनता के शोषण की ओर इशारा करता है। विधायक ने सवाल उठाया कि जब पुराने मीटर सही तरीके से काम कर रहे हैं तो उन्हें बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
कुशवाह ने कहा कि जैसे पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटरों का विरोध हो रहा है, उसी तरह शिवपुरी में भी यह आंदोलन और तेज होगा। यह केवल शुरुआत है और कांग्रेस का पूरा संगठन जनता के साथ खड़ा है। हम किसी भी कीमत पर जनता का शोषण नहीं होने देंगे, यह हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रभारी प्रद्युम्न सिंह तोमर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके प्रभारी बनने के बाद से ही जिले का माहौल खराब हुआ है और जनता परेशान है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि स्मार्ट मीटर इतने ही लाभकारी हैं तो प्रभारी मंत्री अपनी ही विधानसभा में इन्हें क्यों नहीं लगवा रहे?
विधायक का आरोप है कि सरकार जानती है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिल दोगुना हो जाएगा, इसलिए उनकी विधानसभा में इन्हें रोका जा रहा है, ताकि वहां की जनता नाराज न हो।
अंत में कैलाश कुशवाह ने कहा कि पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का असली उद्देश्य जनता की सेवा नहीं, बल्कि कमीशनखोरी है। जनता के नाम पर लूट की जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।






