September 21, 2026

SHIVPURITEZKHABAR|1 अगस्त से यूपीआई(UPI) के 5 बड़े बदलाव, बैलेंस चेक से लेकर ऑटोपे तक यूजर्स पर असर


यूपीआई (UPI) के नियम 1 अगस्त 2025 से बदलने जा रहे हैं। NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) ने लगातार बढ़ते ट्रांजैक्शंस और सर्वर लोड को ध्यान में रखते हुए कुछ बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर हर यूजर्स की जेब और पेमेंट के तरीके पर पड़ेगा।

1. बैलेंस चेक पर लिमिट

अब तक लोग दिनभर कितनी भी बार बैलेंस चेक कर सकते थे, लेकिन 1 अगस्त से यह लिमिट तय कर दी गई है।

अब सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक किया जा सकेगा।

2. बैंक अकाउंट डिटेल्स और हिस्ट्री देखने पर रोक

दिन में किसी एक UPI ऐप से सिर्फ 25 बार ही ट्रांजैक्शन हिस्ट्री या बैंक डिटेल देख पाएंगे।

3. पेमेंट स्टेटस बार-बार चेक करने पर रोक

एक पेंडिंग पेमेंट का स्टेटस केवल 3 बार ही चेक किया जा सकेगा।

हर बार चेक करने में कम से कम 90 सेकेंड का गैप होना जरूरी होगा।

4. ऑटोपे (AutoPay) के समय में बदलाव

ऑटोपे ट्रांजैक्शन अब सुबह 10 बजे तक और दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही प्रोसेस होंगे।

बाकी समय में ऑटोपे रिक्वेस्ट प्रोसेस नहीं होंगे।

5. चार्जबैक (पेमेंट रिवर्सल) पर लिमिट

अब एक महीने में 10 बार ही चार्जबैक की रिक्वेस्ट कर पाएंगे।

किसी एक व्यक्ति/कंपनी से सिर्फ 5 बार ही पैसे वापसी की मांग कर सकते हैं।

NPCI का कहना

NPCI का कहना है कि ये नियम UPI नेटवर्क पर अनावश्यक लोड कम करने और पेमेंट सिस्टम को स्मूद बनाने के लिए लागू किए जा रहे हैं।

1 अगस्त से पहले इन बदलावों को समझ लें, वरना बैलेंस चेक, ऑटोपे और पेमेंट स्टेटस देखने में दिक्कत हो सकती है।

Shivpuritezkhabar.com

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