February 3, 2026

शिवपुरी: 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार)

Happy Diwali 🎇🪔


शिवपुरी तेज़ ख़बर की तरफ़ से आप सभी को प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!


रोशनी और खुशियों का यह त्यौहार आज (20 अक्टूबर 2025) पूरे देश के साथ-साथ शिवपुरी जिले में भी पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है।


दीपों से जगमगाया शिवपुरी
आज शाम जैसे ही अँधेरा हुआ, शिवपुरी के घर-आँगन, बाज़ार और प्रतिष्ठान हज़ारों दीपों और रंग-बिरंगी रौशनी से जगमगा उठे। हर ओर दीपावली की अलौकिक छटा देखने को मिल रही है


लक्ष्मी पूजन: शुभ मुहूर्त में धन और समृद्धि की देवी माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की गई। प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त शाम को 7:08 बजे से 8:18 बजे तक रहा, जिसमें शहरवासियों ने श्रद्धापूर्वक पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की।


बाज़ारों में रौनक: बीते कुछ दिनों से शहर के बाज़ारों में भारी भीड़ रही। धनतेरस से लेकर आज तक लोगों ने ख़ूब ख़रीदारी की। मिठाइयों, उपहारों, दीपकों और सजावट के सामान की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों का तांता लगा रहा।


सामाजिक पहल: दीपावली के अवसर पर जिले में समाज सेवा के कार्य भी देखने को मिले। शिवपुरी की ग्रामीण बैंक समाज सेवा समिति ने निराश्रित और वृद्ध महिलाओं को नवीन वस्त्र (साड़ियाँ) और मिठाई वितरित कर पर्व की खुशियाँ बाँटी।

पटाख़ों का उत्साह:
लक्ष्मी पूजन के बाद शहर में आतिशबाज़ी का दौर शुरू हो गया है। बच्चों से लेकर बड़े तक, सभी सामूहिक रूप से पटाखे चलाकर दीपावली की ख़ुशी मना रहे हैं। आसमान रंग-बिरंगी रौशनी से सतरंगी हो गया है।


शिष्टाचार और शुभकामनाएँ:
लोग एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएँ दे रहे हैं और मिठाई एवं प्रसाद का आदान-प्रदान कर रहे हैं। चारों ओर सिर्फ़ ख़ुशियाँ और उल्लास बिखरा नज़र आ रहा है।


पटाखों पर जनता का सवाल: “सिर्फ़ दीपावली पर ही क्यों?”
लक्ष्मी पूजन के बाद शहर में आतिशबाज़ी का दौर शुरू हो गया है। आसमान रंग-बिरंगी रौशनी से सतरंगी हो गया है। इस दौरान पटाखों के प्रदूषण को लेकर चल रही बहस पर लोगों ने अपनी राय खुलकर रखी है।


कई पाठकों और नागरिकों ने यह सवाल उठाया है कि पटाखों पर प्रतिबंध की बात सिर्फ़ दीपावली पर ही क्यों की जाती है, जबकि पटाखे तो हर जश्न में चलते हैं।


जनता का तर्क: “जब कोई नेता चुनाव जीतता है, या शादी-ब्याह होते हैं, तब भी ख़ूब आतिशबाज़ी होती है। तब प्रदूषण का मुद्दा क्या अलग हो जाता है? पटाखों पर क़ाबू पाने के लिए सरकार को कम प्रदूषण वाले (ग्रीन क्रैकर्स) पटाखों की उपलब्धता और क़ीमत पर ध्यान देना चाहिए, जो आम आदमी के लिए किफ़ायती हों।”


सरकारी मापदंड: सरकार ने प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए ‘ग्रीन क्रैकर्स’ का कॉन्सेप्ट पेश किया है, जिन पर विशेष मुहर लगी होती है। हमारा प्रशासन और नागरिक दोनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बाज़ार में केवल यही कम प्रदूषण वाले पटाखे बिकें और लोग उन्हीं का इस्तेमाल करें।


शिवपुरी तेज़ ख़बर की अपील: हमारा उद्देश्य ख़ुशियाँ कम करना नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाना है। हम सभी से निवेदन करते हैं कि ख़ुशियाँ मनाते समय प्रदूषण और सुरक्षा का ध्यान रखें। चाहे कोई भी मौक़ा हो, हमेशा कम प्रदूषण वाले पटाखों का इस्तेमाल करें और ज़िम्मेदारी के साथ जश्न मनाएँ।


शिवपुरी तेज़ ख़बर एक बार फिर से सभी शिवपुरी वासियों एवं प्रदेशवासियों को दीपावली के पावन पर्व की कोटि-कोटि शुभकामनाएँ देता है।


शुभ दीपावली!

Shivpuritezkhabar.com

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